मानवीय कारणों से भयावह रूप ले रहा तूफान!

हाल ही में भारत में आए तौकता चक्रवात ने भारत के आधे हिस्से विशेषतौर पर पश्चिमी तटीय राज्यों को बुरी तरह प्रभावित किया है। लक्ष्यद्वीप से शुरू हुए इस चक्रवात ने दिल्ली , राजस्थान सहित नेपाल तक भारी वर्षा की तथा इसके बादल चीन तक देखे गए। सन् 1980 के बाद से यह लगातार चौथा … Continue reading मानवीय कारणों से भयावह रूप ले रहा तूफान!

GOA:- Heaven to hell

                                                How we know goa? What we know about goa? Why goa become so attractive for tourist? We will understand and answer these questions about goa by focusing on geographical location and by focusing on different perspectives also. This smallest state of India lies in South -western part of India and its coastline stretches across … Continue reading GOA:- Heaven to hell

कोरोना कि दूसरी लहर और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर उठते सवाल

कोरोना कि दूसरी लहर स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है।एक साल बाद भी  दवाई,बेड,ऑक्सीजन,एम्बुलेंस के लिए दौड़ते-भागते,चीखते-चिल्लाते लोग इस बात के साक्षात सबूत हैं कि पहली लहर के बाद भी सरकार सचेत होने में नाकाम साबित रही।स्वास्थ्य व्यवस्था में कोई बेहतर बदलाव नहीं हो पाया।अस्पतालों की वही दुर्दशा,एम्बुलेंस धूल फांक रहे,डॉक्टरों की … Continue reading कोरोना कि दूसरी लहर और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर उठते सवाल

पर्यावरण,विकास और लोकतंत्र : ईंट भट्टे की नजर से…

मिडिल क्लास अपने जीवन में खुद का घर बनाने का सपना संजोता है।शहर में एक घर हो जाए यह उसकी तमाम ख्वाहिशों की सूची में सबसे ऊपर होती है।ऊंची इमारत,लोगों के घर बनाने के लिए तमाम चीजों की जरूरत पड़ती है,इन्हीं चीजों में दीवार उठाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण 'ईंट' है।ईंट बनती है ईंट भट्टे … Continue reading पर्यावरण,विकास और लोकतंत्र : ईंट भट्टे की नजर से…

गबन

प्रेमचंद का लिखा यह उपन्यास पाठक को अपने भीतर झांकने को विवश करता है।हमारे जीवन में स्वार्थ,दिखावा,प्रलोभन बहुत से समस्याओं का जड़ है।दिखावे की दुनिया में लोग अपनी जरूरत छोड़,इच्छा को ज्यादा महत्व देने लगें है।धनी दिखने की कोशिश में कर्ज का राह चुन लेते है।इस उपन्यास में मध्यम वर्ग की तमाम कठिनाइयों को दर्शाया … Continue reading गबन

आंदोलनकारी किसानों के बीच ‘लोकल’ राष्ट्रवादी…

विश्वगुरु भारत में पिछले कुछ सालों से एक आक्रमक राष्ट्रवादी भीड़ तैयार की गई है।यह भीड़ देश की सुरक्षा व संस्कृति को बचाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।हाथ में तिरंगा लिए यह भीड़ भारत माता की जय के नारों के साथ आती है और देश के गद्दारों को गोली मारने की सज़ा सुनाती है।पुलिस व … Continue reading आंदोलनकारी किसानों के बीच ‘लोकल’ राष्ट्रवादी…

मीडिया,सोशल मीडिया और किसान आंदोलन

संसद से जबरन पास हुए तीन कृषि कानून को रद्द करने कि मांग को लेकर किसान तीन महीने से आंदोलन कर रहें हैं।संविधान दिवस के मौके पर हरियाणा,पंजाब व पश्चिमी उत्तर प्रदेश से भारी संख्या में प्रदर्शन करने दिल्ली आ रहे किसानों को अग्निपरीक्षा से होकर गुजरना पड़ा।दिल्ली कि सीमाएं सील कर दी गई साथ … Continue reading मीडिया,सोशल मीडिया और किसान आंदोलन

मतदान से पहले प्रमुख दलों के घोषणा पत्र पर एक नज़र…

आने वाले 28 तारीख को पहले चरण में 71 सीटों पर मतदान होने वाला है।आज यानी सोमवार के शाम तक पहले चरण के चुनाव प्रचार का सिलसिला थम जाएगा।प्रचार के दौरान बेरोजगारी,शिक्षा,स्वास्थ्य, मजदूरों का पलायन इन सब लघु समस्याओं के साथ वृहत समस्या जैसे राम मंदिर,सेना,कश्मीर,आतंकी, ट्रिपल तलाक़,अनुच्छेद 370 कि भी ज़ोरदार चर्चा करने की … Continue reading मतदान से पहले प्रमुख दलों के घोषणा पत्र पर एक नज़र…

बेटी

क्यों जन्म लेना तो पाप नहीं, क्यों लेने देते सांस नहीं। बेटा करे कोई बात नहीं, बेटी को पड़ती डॉट रही। उसकी थी क्या इतनी गलती, की वह एक बेटी थी। पर बेटी होना श्राप नहीं, बेटी होना अपराध नहीं। उसका मान अब नहीं रहा, भारत भारत अब नहीं रहा। जहाँ रामायण जैसी कहानी थी, … Continue reading बेटी

चुनाव से पहले बिहार की तस्वीर।

चुनाव आयोग बिहार विधानसभा चुनाव के तारीखों का एलान कर चुकी है।आने वाले 28 अक्टूबर,3 नवंबर और 7 नवंबर को तीन चरणों में मतदान होने वाले है।10 नवंबर को नतीजे कि घोषणा भी हो जाएगी।इस दौरान सीटों का बंटवारा,उद्घाटन और शिलान्यास का कार्यक्रम,नेताओं के उलट-पलट बयान,जीत का विश्वास,भविष्यवाणी कि शोर,टिकट का बंटना और फिलहाल नामांकन … Continue reading चुनाव से पहले बिहार की तस्वीर।